Monday, 10 February 2014

प्रतिदिन एक बवाल + मीडिया कवरेज = सत्ता प्राप्ति

            आजकल टीवी पर प्रतिदिन एक ही चर्चा है-आम आदमी पार्टी और उससे जुड़े रोज़ एक बवाल | यह पार्टी जितनी तेजी से ऊपर उठी उतनी तेजी से गर्त में जाने को आतुर दिख रही है क्योकि इसे बड़ी जल्दी है |  लोकसभा चुनाव जो है | इस काम में लगभग सारे मीडिया चैनलों का पूर्ण समर्थन प्राप्त है | ये जिसे चाहे, जब चाहे चोर कह सकते हैं, खुद पर सवाल पूछने पर भी बिकाऊ करार दे सकते हैं ; राजनीति की इतनी गिरी हुई हालत कभी देखने को नहीं मिला है |
आइये इनके बारे में देखते हैं-
पृष्ठभूमि :- सभी जानते है कि यह पार्टी अन्ना आन्दोलन से उभरी है और उस समय तक इसका चरित्र स्वच्छ और ईमानदार  था, पर चुनावी पार्टी बनते ही और सत्ता-प्राप्ति के बाद सबकुछ बदल गया है| अब इसका वास्तविक मकसद सेवा भावना, भ्रष्टाचार या अन्य  कुछ नहीं रह गया है |  इससे अब जुड़ने वालों का एक ही मकसद है, इससे जुड़कर विधायक या सांसद हो जाना | बाकी दलों में लोग वर्षों मेहनत करके आते हैं, तब कहीं यह सुख नसीब होता है, पर इसमें तो दिल्ली का उदाहरण दिख रहा है | अंधे के हाथ बटेर कभी भी लग सकती है|

प्रतिदिन एक बवाल + मीडिया कवरेज :- झूठ बोलना, दूसरो को चोर खुद को ईमानदार कहना इनके प्रिय शगल हैं | साथ ही प्रतिदिन एक बवाल की स्थिति पैदा करना ताकि टीवी पर हर चैनल में ये दिखे, बहस में भाग लें | जबसे दिल्ली में सरकार बनी है; कोई ऐसा दिन नहीं होगा जब ये न हुआ हो | आप ने देखा होगा टीवी पर जब इनके सदस्य बोलते हैं तो बाकी सभी चुप रहते हैं, पर कोई भी दूसरा जब बोलता है तो ये उसे हमेशा टोकते रहते हैं, हर बात को घुमाते हैं और सीधा जवाब कभी नहीं देते | इनके साथ मीडिया तो है ही क्योकि कार्यक्रम की शुरुआत में कुछ और मुद्दा होता है पर एंकर भी अंत में इन्हीं को सही और बाकी सबको गलत साबित करने की कोशिश करते हैं | आजतक, आईबीएन सेवेन, ए बी पी न्यूज या कोई भी न्यूज चैनल ( एकाध को छोड़कर) ले लीजिए सभी इनके रंग में रंगे नज़र आते हैं | दरअसल ये सभी मिलकर जनता को मूर्ख साबित करने पर तुले हुए है | इनकी वजह से अब तो न्यूज चैनल लगाने को जी नहीं करता |

अब तक का काम :- इन्होनें अब तक कुछ घोषणाएं ही की हैं जो कितनी अव्यवहारिक हैं इसका पता कुछ समय बाद ही चलेगा, इसलिए अब जल्दी से अपनी सरकार खुद गिराकर भाग जाना चाहते हैं ताकि दोष औरों को दे सकें और शहीद बनकर लोकसभा के चुनाव में उतर सकें, जनता तो मूर्ख है ही |

         ( मैं किसी पार्टी का सदस्य नहीं हूँ, न तो आम आदमी पार्टी का विरोधी हूँ || ये बताना इसलिए आवश्यक है क्योंकि किसी पार्टी से प्रेरित लेख भी ये कह सकते हैं |  मैं वास्तविक आम आदमी हूँ जिसने अपनी आँखे खोल रखी हैं |)

Tuesday, 26 November 2013

अमर गायक मुकेश और मेरा संगीत

         दोस्तों ! मैं प्रारम्भ से ही मुकेश का बहुत बड़ा प्रशंसक रहा हूँ | बल्कि ये कहिये की मेरी संगीत में रूचि ही मुकेश जी की वजह से प्रारम्भ हुई | एक बार बचपन में उनका गीत रेडियो पर सुना-"जाने चले जाते हैं कहाँ" और अगले ही पल जब उद्घोषक ने ये कहा कि मुकेश जी की पुण्यतिथि पर यह गीत प्रसारित हो रहा है तो मेरे बदन में सिहरन-सी दौड़ गयी थी | तभी मैंने महसूस किया कि वह व्यक्ति जो अब ज़िंदा नहीं है, अपनी आवाज़ के रूप में कितना हमारे करीब है | सच पूछिए तो तभी से संगीत मुझे लुभाने लगा था | अपने पिताजी के डर से और माँ के सहयोग से मैंने चोरी-छिपे बनारस के बुलानाला में स्थित "गुप्ता-संगीतालय" से हारमोनियम और गिटार सीखा | फिर दो साल संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में प० जमुना प्रसाद मिश्र जी से तबला तथा प० जालपा प्रासाद मिश्र जी से गायन सीखा | एल-एल-बी० करने  के कारण गायन अधूरा रहा पर बाद में मैंने संगीत में अपना सीखना जारी रखा, हालांकि यह क्रमबद्ध नहीं हो पाया | संगीत से दूर रहना मुश्किल था, शायद इसीलिये बाद में संगीत की और दो उपाधियाँ मैंने ली |
       मुकेश जी के प्रभाव से संगीत से जुड़ा, इसलिए मैं उनके गीत खूब गाता और गुनगुनाता रहता था | उन दिनों मैं अक्सर मुंशी-घाट पर गर्मियों में नहाने जाया करता था, जहाँ देर तक मैं गंगा जी में नहाता और मुकेश के गीत गाता रहता था | उनके गीतों की और कई खूबसूरत यादें मेरे साथ जुड़ी हुई हैं जिन्हें मैं बाद में आपसे जरूर बताना चाहूँगा | 

Saturday, 16 November 2013

"भारत रत्न" सचिन तेंदुलकर

       आज एक लम्बे समय तक भारत की आन, बा और शान रहे "भारत रत्न"  सचिन तेंदुलकर के लम्बे, महान और अविस्मरणीय कैरियर का सुखद पटाक्षेप हो गया | इस अवसर पर पूरे देश में लोगों की भावनाएं देखने लायक थी | अभूतपूर्व..... शायद ही किसी को ऐसी भावनात्मक विदाई मिली हो | और हो भी क्यों न ! आखिर दुनिया में सचिन एक ही तो हैं, उन्हें ऐसी विदाई मिलनी ही थी और वह इसके वास्तविक हकदार भी हैं | सोने पर सुहागा.....उन्हें भारत-रत्न मिलने की घोषणा....वाह......

       
    फिर भी एक टीस तो रहेगी........ काश ! ये उम्र ठहर जाती.......| है न !


अलविदा सचिन..... हम आप को कभी नहीं भूल पायेंगे.....| अब आप की किसी नयी पारी का बेसब्री से इंतज़ार रहेगा....

Friday, 1 November 2013

राजेन्द्र यादव जी और के.पी.सक्सेना जी

    मित्रों, कुछ ही दिनों के अंतराल में हिन्दी साहित्य के दो रचनाकार काल-कवलित हो गए | समय के आगे किसी का जोर नहीं पर हम हिंदी-प्रेमी श्री राजेन्द्र यादव जी और के.पी.सक्सेना जी को हमेशा याद करेंगे | के.पी.सक्सेना के काव्यपाठ के तो हम सभी कायल थे  और राजेन्द्र जी के हिन्दी साहित्य में योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता | दोनों महापुरुषों को विनम्र श्रद्धांजलि...

Wednesday, 16 October 2013

भारत ने इतिहास रचा

            जी हां ! आज भारत ने एक इतिहास रच दिया | एकदिवसीय मैच के इतिहास में यह दूसरी सबसे बड़ी जीत है | भारत ने एक बड़े अंतर नौ विकेट से आज जीत हासिल कर पूरे भारत के खेल-प्रेमियों को अनोखा तोहफा दिया है |  आस्ट्रेलिया ने जब 359 रन बनाए तो कोई ये उम्मीद नहीं कर रहा था की आज भारत जीत पायेगा, पर रोहित शर्मा के नाबाद 141 रन, शिखर धवन के 95 रन और विराट कोहली के नाबाद 100 रनों ने आस्ट्रेलिया के इतने विशाल पहाड़ सरीखे स्कोर  को बौना साबित करते हुए इतिहास रच दिया | उन्होंने यह जीत अभी 39 गेंद रहते हासिल की जो इस विजय को और महत्वपूर्ण  बनाती है | सभी देशवासियों को यह ऐतिहासिक जीत मुबारक....

Saturday, 13 July 2013

प्राण : एक युग का अंत

प्राण के देहांत के साथ ही फिल्म इतिहास के एक युग का अंत हो गया.....विनम्र श्रद्धांजलि...


Thursday, 27 June 2013

चैम्पियंस की चैम्पियंस ट्राफी

        
      वाह ! ये हुई न बात ! चैम्पियंस ट्राफी में भारतीय टीम वाकई चैम्पियन की तरह खेली | कोई भी विरोधी टीम हो नतीजा हर बार भारत के पक्ष में रहा | बल्लेबाजी हो या गेंदबाजी या फील्डिंग , हर विभाग में टीम ने औरों से बेहतर खेल दिखाया | फील्डिंग की वजह से हर बार विपक्षी टीम ने ३० से ४० रन कम बनाए; जिसका नतीजा ये रहा की वो टीम भारत का मुकाबला नहीं कर पाई | सबसे अच्छी बात ये रही की हमारी बल्लेबाजी पूरे रंग में रही | भारतीय टीम ने हर खेल में अच्छे रन बनाए; हालांकि फाइनल मुकाबला इसका अपवाद रहा पर उस समय बारिश की वजह से जो व्यवधान हुआ उसके कारण भी कुछ कम रन बने क्योंकि बल्लेबाजी की लय बार-बार टूट रही थी | फिर भी गेंदबाजों ने हिम्मत नहीं हारी और अच्छे फील्डिंग के साथ ने रोमांचक मैच का निर्णय भारत के पक्ष में कर दिया | गोल्डन बैट के विजेता शिखर धवन, मैन ऑफ़ द मैच और गोल्डन बाल के विजेता रवीन्द्र जडेजा ने बेहतरीन खेल जारी रखा तथा फाइनल में विराट कोहली ने भी अच्छे हाथ दिखाए और मैच के बाद डांस का क्या कहना ! है न ! भारतीय टीम को चैम्पियंस ट्राफी जीतने की बहुत-बहुत बधाई...